धन और सुख की शुरुआत, लक्ष्मी- कुबेर की पूजा का विशेष महत्व
दिवाली का महापर्व 10 नवंबर को धनतेरस मनाने से शुरू होता है. यह एक विशेष दिन है जब देवी लक्ष्मी और धन के देवता कुबेर की पूजा की जाती है ।
धनतेरस का सबसे बड़ा महत्व धन को बढ़ावा देना है । 2. लक्ष्मी पूजा धनतेरस के दिन लक्ष्मी माता की पूजा करना शुभ होता है । यह धन, समृद्धि और आशीर्वाद को बढ़ावा देता है । 3. धनतेरस के दिन तंतु की पूजा कुछ लोग धनतेरस पर तंतु की पूजा भी करते हैं । तंतु का पूजन व्यावसायिक सफलता में मदद कर सकता है । 4. कुछ धन का दान करना इस दिन गरीबों को धन दान करना भी शुभ माना जाता है । यह भावना सेवा को बढ़ावा देती है और समाज में योगदान करने का एक अच्छा तरीका है ।
धनतेरस पूजा का महत्व
हर साल दिवाली का त्योहार कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को धनतेरस( Dhanteras 2023) के त्योहार से शुरू होता है. इस दिन भगवान धन्वंतरि की पूजा की जाती है और इसे सोना, चांदी और अन्य विभिन्न वस्तुओं की खरीदारी के लिए एक शुभ अवसर माना जाता है ।
पौराणिक कथाओं के अनुसार इस दिन जिन की दुकान पर जाने से आपकी धन- संपत्ति 13 गुना बढ़ जाती है । धनतेरस के दिन मां महालक्ष्मी और धन के देवता भगवान कुबेर की पूजा की जाती है, जिससे आपके घर में धन, संपत्ति और धन संबंधी खुशियां बढ़ती हैं ।

धनतेरस पूजा का शुभ मुहूर्त
धनतेरस की त्रयोदशी तिथि 10 नवंबर को दोपहर 12:35 बजे से शुरू हो रही है और अगले दिन यानी 11 नवंबर को दोपहर 2:57 बजे तक रहेगी. धनतेरस पूजा प्रदोष काल में की जाएगी, जो 10 नवंबर को शाम 5:47 बजे से शुरू होगी ।
इस दौरान भगवान गणेश, लक्ष्मी मां और कुबेर की पूजा की जाएगी, जो शाम 7:47 बजे तक मान्य रहेगी । इस दौरान पूजा के बाद यम का दीपक जलाने का भी अवसर मिलता है ।
धनतेरस पर सोने का शुभ त्योहार( धनतेरस 2023 पर सोना खरीदने का समय) धनतेरस पर सोना, चांदी और अन्य सिक्के खरीदने का शुभ समय रात 12:35 बजे से शुरू होकर अगले दिन यानी 11 नवंबर को सुबह 6:40 बजे तक रहेगा । इस मौके पर लोग सोना, चांदी, रत्न और अन्य कीमती सामान खरीद सकते हैं ।
