भाई दूज, जिसे अन्य नामों से भी जाना जाता है, एक विशेष अवसर है जब भाई- बहन बंधन को और भी मजबूत महसूस करते हैं । इस पौराणिक त्योहार की शुरुआत भगवान यम और उनकी बहन यमुना के संदेश से हुई, जिससे यह भाई- बहन के प्यार का प्रतीक बन गया ।
समय, शुभ समय और तारीखें
इस दिन भाई- बहन एक- दूसरे के प्रति सम्मान और स्नेह रखते हुए विशेष तैयारियां करते हैं । इस साल, भाई दूज 14 और 15 नवंबर को मनाया जाएगा, जब भाई- बहन एक- दूसरे के साथ अपने अनूठे बंधन का जश्न मनाएंगे । यह दो दिवसीय त्यौहार पूरे भारत में हर्ष और उल्लास से भरा हुआ है ।
अनूठे बंधन का जश्न
इस वर्ष, शुभ भाई दूज प्राहन का समय 14 नवंबर को दोपहर 01:10 बजे से दोपहर 03:19 बजे तक रहेगा, जो दोपहर के लिए एक अद्वितीय बंधन समय प्रदान करता है । इस साल, अपने प्यारे भाई- बहन के साथ भाई दूज का आनंद लें, खासकर जब तारीखें और मुहूर्त सही हों ।
यह उत्सव एक प्यार भरा अवसर है जब आप अपने परिवार और दोस्तों के साथ आनंद ले सकते हैं और बंधन में बंध सकते हैं, जिससे आपका जीवन और भी रंगीन हो जाएगा ।

भाई दूज हिन्दू पर्व
भाई दूज का मतलब है ” भाई की दूजी” या” दूजी का दिन” होता है । इस दिन बहनें अपने भाइयों से खास मिलती हैं और उन्हें आशीर्वाद देती हैं । बहनें अपने भाइयों के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लेती हैं और उन्हें बहुत सी शुभकामनाएं देती हैं । इसके बाद, भाइयों द्वारा बहनों को उपहार दिए जाते हैं और साथ ही मिठाई साझा की जाती है ।
भाई दूज हिन्दू पर्व है जो दीपावली के त्योहार के बाद आता है, और यह भाई- बहन के प्यार का उत्कृष्ट संदेश लेकर आता है । यह त्योहार कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि को मनाया जाता है, जो कुछ अक्टूबर और नवम्बर के बीच होती है ।
भाई दूज एक सांस्कृतिक और परिवारिक त्योहार है जो भाई- बहन के प्यार और समर्पण को सलाम करता है । यह एक खुशीभरा त्योहार है जो भारतीय समाज में बड़े धूमधाम से मनाया जाता है ।
