भारत देश के पहले प्रधानमंत्री का ये नारा आज भी हमारे दिलों में जिंदा है. नेहरू ने कहा था कि बच्चे बगीचे के फूलों की तरह होते हैं, जिनकी हमें सावधानीपूर्वक और प्यार से देखभाल करनी चाहिए । क्योंकि वे हमारी समृद्धि का स्रोत हैं । आज हम उनके जन्मदिन को बाल दिवस के रूप में मना रहे हैं ।
बच्चों को लेकर जवाहर लाल नेहरू की सोच
नेहरू ने बच्चों को धार्मिकता और शिक्षा के माध्यम से मजबूत आधार प्रदान करने की वकालत की । उनके शब्द हमें याद दिलाते हैं कि बच्चों का भरण- पोषण करना हमारी जिम्मेदारी है और उन्हें उच्च शिक्षा और सही मार्गदर्शन की जरूरत है ।
इस बाल दिवस पर, हमें याद रखना चाहिए कि हमारे बच्चे हमारे देश का भविष्य हैं, और हमें उन्हें लगातार प्यार और समर्थन से प्रेरित करना चाहिए । जवाहरलाल नेहरू ने कहा था कि बच्चे हमारे देश के भविष्य की रोशनी हैं और समाज की नींव को मजबूत करने का एक प्रभावी तरीका हैं ।
उन्होंने स्पष्ट रूप से साबित कर दिया कि अगर हम चाहते हैं कि हमारा देश समृद्धि की ऊंचाइयों पर पहुंचे, तो हमें बच्चों का ख्याल रखना होगा ।

इतिहास
नेहरू ने सिखाया कि हर बच्चे को अच्छी शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा का अधिकार है । उनकी यह भावना हमें इस बात पर लाती है कि हमें समाज में समानता और न्याय के सिद्धांतों के साथ बच्चों का पालन- पोषण करना चाहिए । चाचा नेहरू की मृत्यु के बाद उनके जन्मदिन को बाल दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया । यह नया त्यौहार उनके आदर्शों और बच्चों के अधिकारों का समर्थन करने का एक अच्छा अवसर है ।
चाचा नेहरू का मानना था कि बच्चे हमारे समाज के निर्माण में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और उन्हें सही दिशा में प्रेरित करना हमारी जिम्मेदारी है । बाल दिवस न केवल उनके जन्मदिन का स्मरणोत्सव है, बल्कि यह बच्चों के अधिकारों के महत्व को बढ़ावा देने का एक अवसर भी है ।
महत्व
बाल दिवस को उत्साह और प्यार से भरे दिन के रूप में मनाया जाता है । स्कूलों में शिक्षक बच्चों के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित करते हैं, जिसमें उपहारों के साथ- साथ मनोरंजक प्रदर्शन भी शामिल होते हैं । बच्चों को खुश करने के लिए उन्हें खाना, किताबें और कार्ड के उपहार भी मिलते हैं । इस दिन का उत्सव बच्चों को उनकी खासियत से जोड़ता है और उन्हें यह समझाता है कि वे हमारे समाज के लिए कितने महत्वपूर्ण हैं ।
इसलिए हमें नेहरूजी के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाते हुए बच्चों के सभी अधिकार सुनिश्चित करने का संकल्प लेना चाहिए । उनकी बातों को अमल में लाकर हम एक समृद्ध और खुशहाल भविष्य बना सकते हैं जिसमें हर बच्चा खुश और सफल हो ।
